वनप्लस, जो कभी अपने दमदार स्मार्टफोन और फैंस की दीवानगी के लिए जाना जाता था, अब मुश्किल दौर से गुजरता दिख रहा है। एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि इसकी पेरेंट कंपनी ओप्पो धीरे-धीरे वनप्लस को बंद कर रही है। हालांकि, वनप्लस इंडिया के CEO रॉबिन लियू ने साफ कहा है कि भारत में कंपनी का काम सामान्य रूप से चल रहा है।
यह दावा एंड्रॉयड हेडलाइंस की रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, वनप्लस को “धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है।” यह रिपोर्ट कई देशों में की गई जांच और अलग-अलग एनालिस्ट डेटा पर आधारित बताई जा रही है।
वनप्लस इंडिया का बयान
इन खबरों पर वनप्लस इंडिया ने सफाई दी है। सोशल मीडिया पर CEO रॉबिन लियू ने कहा कि कंपनी के बारे में गलत जानकारी फैलाई जा रही है और वनप्लस इंडिया पहले की तरह काम कर रही है। उन्होंने कहा— “हम सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।”
पहले भी हुए हैं बदलाव
यह पहली बार नहीं है जब वनप्लस में बड़े बदलाव हुए हों। साल 2021 में कंपनी ने अपने कुछ डिजाइन और रिसर्च टीमों को ओप्पो के साथ जोड़ दिया था। उस समय कहा गया था कि इससे प्रोडक्ट जल्दी और बेहतर बन पाएंगे। लेकिन कई फैंस को यह फैसला पसंद नहीं आया था।
बिक्री और मार्केट शेयर में गिरावट
रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में वनप्लस की ग्लोबल बिक्री 20% से ज्यादा गिर गई।
- भारत में, कंपनी का मार्केट शेयर घटकर करीब 3.9% रह गया।
बताया जा रहा है कि कम मुनाफे की वजह से करीब 4,500 दुकानों ने वनप्लस फोन बेचना बंद कर दिया। - चीन में भी हालत अच्छी नहीं रही और मार्केट शेयर 2% से घटकर 1.6% हो गया।
“खत्म होने के कगार पर ब्रांड”
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यूरोप और नॉर्थ अमेरिका में भी वनप्लस के ऑपरेशन कम कर दिए गए हैं। रिपोर्ट का दावा है कि अब बड़े फैसले स्थानीय टीम नहीं, बल्कि सीधे चीन से लिए जा रहे हैं।
प्रोडक्ट्स भी हुए कैंसिल
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ आने वाले फोन लॉन्च से पहले ही रद्द कर दिए गए हैं, जिनमें
- OnePlus Open 2 (फोल्डेबल फोन)
- OnePlus 15s (कॉम्पैक्ट फ्लैगशिप)
मौजूदा यूजर्स का क्या होगा?
रिपोर्ट कहती है कि ओप्पो ने भरोसा दिया है कि मौजूदा वनप्लस यूजर्स को सिक्योरिटी अपडेट और वारंटी सपोर्ट मिलता रहेगा। लेकिन जब पुराने मॉडल्स का सपोर्ट खत्म होगा, तब वनप्लस ब्रांड भी पूरी तरह खत्म हो सकता है।
फिलहाल, वनप्लस या ओप्पो की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन यह रिपोर्ट इस सवाल को ज़रूर खड़ा करती है कि क्या एक समय का मशहूर स्मार्टफोन ब्रांड अब चुपचाप बंद होने की ओर बढ़ रहा है?


