5-day working in banks
5 Days Working in Banks: सरकार और RBI के पास प्रस्ताव समीक्षा में, 2026 से लागू होने की संभावना
बैंकिंग सेक्टर में 5-दिवसीय वर्किंग वीक की मांग लंबे समय से कर्मचारी और बैंक यूनियनें कर रही हैं। साल 2026 से बैंकों में केवल सोमवार से शुक्रवार तक काम हो सकता है, जबकि सभी शनिवार और रविवार बैंक बंद रखने का प्रस्ताव अभी सरकार के पास विचाराधीन है।
वित्त मंत्रालय ने 28 जुलाई 2025 को लोकसभा में बताया कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने सभी शनिवार को बैंक हॉलिडे घोषित करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे बैंकिंग सेक्टर में 5-दिवसीय वर्किंग सिस्टम लागू हो जाएगा।
क्या है 5-दिवसीय बैंकिंग वीक का प्रस्ताव?
IBA और बैंक यूनियनों ने सुझाव दिया है कि:
- हर शनिवार और रविवार बैंक बंद रहें
- कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार काम करें
- साप्ताहिक काम के घंटों को संतुलित रखने के लिए कर्मचारियों को प्रतिदिन लगभग 40 मिनट अधिक काम करना पड़ सकता है
यूनियन का कहना है कि इस बदलाव से ग्राहक सेवा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और बैंकिंग क्वालिटी में सुधार होगा।
अब तक क्या हुआ?
- मार्च 2025 में IBA और बड़ी बैंक यूनियनों ने 5-दिवसीय वर्किंग का संयुक्त प्रस्ताव सरकार को भेजा।
- जुलाई 2025 में वित्त मंत्रालय ने संसद में स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव अभी विचाराधीन है।
- अप्रैल 2025 में मंत्रालय ने संकेत दिया था कि वित्तीय वर्ष 2025–26 में इस प्रस्ताव के लागू होने की संभावना कम है।
- बदलाव के लिए वित्त मंत्रालय और RBI दोनों की मंजूरी जरूरी है, जो अभी तक नहीं मिली है।
फिलहाल बैंकिंग सिस्टम कैसा है?
वर्तमान में बैंक अगस्त 2015 के नियमों के अनुसार काम कर रहे हैं:
- हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद
- अन्य शनिवार को बैंक खुले रहते हैं और नियमित कार्यदिवस की तरह काम होता है
क्या स्टाफ की कमी वजह है?
वित्त मंत्रालय ने लोकसभा में साफ किया कि स्टाफ की कमी इस प्रस्ताव में रुकावट की वजह नहीं है।
पब्लिक सेक्टर बैंकों में 96% पद भरे हुए हैं। बचे हुए पद सामान्य रिटायरमेंट या अन्य कारणों से खाली रहते हैं, लेकिन यह प्रस्ताव की प्रगति में बाधा नहीं है।
कब लागू होगा 5-दिवसीय बैंकिंग वीक?
अब तक कोई अंतिम तारीख घोषित नहीं की गई है।
सरकार और RBI दोनों ही इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं।
यदि सभी मंजूरियाँ मिल जाती हैं, तो 2026 में बैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
