At 53, Mandira Bedi Shares Her Fitness Secret for a Strong, Toned Body
53 साल की मंदिरा बेदी यह साबित कर रही हैं कि उम्र सिर्फ़ एक नंबर है। अपनी फिटनेस जर्नी के ज़रिए वह महिलाओं को यह संदेश दे रही हैं कि बढ़ती उम्र का मतलब कमज़ोर होना नहीं होता। उनका साफ़ मंत्र है—चलते रहो और एक्टिव रहो।
मंदिरा का मानना है कि उम्र बढ़ने के साथ ताकत कम नहीं होती। बल्कि वह कहती हैं कि आज, 50 की उम्र के बाद, वह अपनी ज़िंदगी की सबसे अच्छी फिटनेस में हैं। 16 जनवरी 2026 को हर्बालाइफ के यूट्यूब चैनल पर दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलकर अपनी फिटनेस के बारे में बात की।
“मैं अब ज़्यादा वज़न उठा रही हूँ”
मंदिरा, जो हमेशा से एक्टिव लाइफस्टाइल की समर्थक रही हैं, कहती हैं कि आज वह 30 और 40 की उम्र से भी ज़्यादा वज़न उठा पा रही हैं। जब ज़्यादातर लोग उम्र के साथ धीमे हो जाते हैं, तब उन्होंने खुद को और मज़बूत बनाया।
उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा,
“मैं 53 साल की हूँ और अपनी उम्र बताने में मुझे कोई झिझक नहीं है। 40 की उम्र में भी मुझे कोई दिक्कत नहीं थी और 50 में भी नहीं। सच कहूँ तो, मैं अब पहले से ज़्यादा स्ट्रॉन्ग हूँ। अगर चाहूँ तो अपनी मसल्स भी दिखा सकती हूँ।”
“एक्सरसाइज मेरा सप्लीमेंट है”
मंदिरा के लिए एक्सरसाइज सिर्फ़ दिखने की बात नहीं है। वह मानती हैं कि यह महिलाओं को उस फिज़िकल और हार्मोनल बदलाव से निपटने में मदद करती है, जो मिडल एज में आते हैं।
उनका कहना है कि लोग फिट रहने के लिए सप्लीमेंट लेते हैं, लेकिन उनके लिए एक्सरसाइज ही असली सप्लीमेंट है। रोज़ थोड़ा-बहुत चलना, वर्कआउट करना, शरीर और मन दोनों को मज़बूत रखता है।
अंत में मंदिरा ने खास तौर पर महिलाओं को एक सीधी-सी सलाह दी:
एक्सरसाइज आपकी दवा है।
एक्सरसाइज आपकी सुरक्षा है।
और एक्सरसाइज ही आपकी ताकत है।
उनका संदेश बिल्कुल साफ़ है—उम्र चाहे जो भी हो, खुद को चलते रहने दो।
Note to readers: This article is for informational purposes only and not a substitute for professional medical advice. Always seek the advice of your doctor with any questions about a medical condition.
