IPL ऑक्शन 2026 में BCCI का बड़ा सैलरी लॉक नियम
विदेशी खिलाड़ी को ₹18 करोड़ से ज़्यादा नहीं मिलेगी सैलरी, जानिए क्यों
IPL 2026 मिनी-ऑक्शन से पहले BCCI ने एक ऐसा नियम लागू किया है, जिसने फ्रेंचाइज़ी और फैंस—दोनों का ध्यान खींच लिया है। इस नियम के तहत कोई भी विदेशी (ओवरसीज़) खिलाड़ी ₹18 करोड़ से ज़्यादा की सैलरी नहीं कमा सकता, चाहे उसके लिए बोली कितनी भी ऊपर क्यों न चली जाए।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि
👉 बोली ₹18 करोड़ से ऊपर जा सकती है,
👉 लेकिन खिलाड़ी को मिलने वाली रकम वहीं लॉक हो जाएगी।
कैसे काम करता है ₹18 करोड़ का हार्ड कैप?
IPL में विदेशी खिलाड़ियों के लिए एक “मैक्सिमम फी रूल” है। इसके मुताबिक किसी भी ओवरसीज़ खिलाड़ी को मिलने वाली रकम इन दो में से जो कम हो, उसी तक सीमित रहती है:
1️⃣ सबसे ऊंची रिटेंशन प्राइस
- मौजूदा टॉप स्लैब: ₹18 करोड़
2️⃣ पिछली मेगा ऑक्शन की सबसे ऊंची बोली
- पिछली मेगा ऑक्शन में रिकॉर्ड: ऋषभ पंत – ₹27 करोड़ (LSG)
इन दोनों में से कम रकम है ₹18 करोड़, इसलिए IPL 2026 के मिनी-ऑक्शन में विदेशी खिलाड़ियों की सैलरी इसी पर सीमित कर दी गई है।
यहां पर फैंस को सबसे ज़्यादा कन्फ्यूजन होता है
बहुत से लोगों को लगता है कि अगर बोली ₹18 करोड़ से ऊपर गई, तो खिलाड़ी को भी उतना ही पैसा मिलेगा।
लेकिन ऐसा नहीं है।
✔ बोली चाहे ₹19 करोड़ हो या ₹20 करोड़
❌ खिलाड़ी को फिर भी सिर्फ ₹18 करोड़ ही मिलेंगे
तो फिर बाकी पैसा कहां जाएगा?
₹18 करोड़ से ऊपर की रकम कहां जाती है?
अगर किसी विदेशी खिलाड़ी पर बोली ₹18 करोड़ से ऊपर जाती है, तो:
- खिलाड़ी को मिलेंगे: ₹18 करोड़
- बची हुई रकम (जैसे ₹2 करोड़): BCCI के वेलफेयर फंड में जाएगी
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।
फ्रेंचाइज़ी के लिए असली झटका
सबसे अहम बात यह है कि फ्रेंचाइज़ी इसे “फ्री मनी” नहीं मान सकती।
👉 टीम का पूरा पर्स उतनी ही रकम से कटेगा, जितनी बोली लगी है।
उदाहरण:
- बोली लगी: ₹20 करोड़
- खिलाड़ी को मिले: ₹18 करोड़
- ₹2 करोड़: BCCI वेलफेयर फंड में
- फ्रेंचाइज़ी का पर्स घटेगा: पूरे ₹20 करोड़
यानि टीम को नुकसान उठाना पड़ेगा, चाहे खिलाड़ी को उतनी रकम न मिले।
BCCI ने यह नियम क्यों बनाया?
इस नियम का मकसद साफ है:
- मिनी-ऑक्शन को बिगड़ा हुआ बाज़ार बनने से रोकना
- कम खिलाड़ियों और ज़्यादा पर्स की वजह से विदेशी खिलाड़ियों की कीमत बिना वजह आसमान छूने से रोकना
- ऑक्शन में बैलेंस और फेयरनेस बनाए रखना
BCCI नहीं चाहता कि मिनी-ऑक्शन सिर्फ कुछ विदेशी खिलाड़ियों के लिए पैसा उड़ाने का मैदान बन जाए।
IPL 2026 मिनी-ऑक्शन में:
- विदेशी खिलाड़ी की सैलरी ₹18 करोड़ से ज़्यादा नहीं होगी
- बोली इससे ऊपर जा सकती है, लेकिन फायदा खिलाड़ी को नहीं मिलेगा
- फ्रेंचाइज़ी को पूरा पैसा खर्च करना होगा
इस नियम से साफ है कि BCCI अब ऑक्शन को और ज़्यादा कंट्रोल्ड और संतुलित बनाना चाहता है।
आने वाले ऑक्शन में यह देखना दिलचस्प होगा कि टीमें इस सैलरी लॉक के बावजूद कितनी आक्रामक बोली लगाती हैं।
