CJ Roy Net Worth: Maa se seekhi property tricks, bana ₹8,000-cr Bengaluru realty tycoon
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चिरियानकांडथ जोसेफ रॉय, जिन्हें लोकप्रिय रूप से सीजे रॉय कहा जाता है, ने अपनी माँ से सीखे छोटे-छोटे प्रॉपर्टी डीलिंग के सबक को आगे चलकर एक विशाल रियल एस्टेट साम्राज्य में बदल दिया। कोच्चि में जन्मे 57 वर्षीय रॉय न सिर्फ बेंगलुरु के सबसे अमीर प्रॉपर्टी टाइकून में से एक हैं, बल्कि मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के प्रोड्यूसर भी हैं। उन्होंने मोहनलाल अभिनीत फिल्म ‘कसानोवा’ जैसी फिल्मों का निर्माण किया है।
सीजे रॉय की सफलता का राज सही समय, धैर्य और ऐसी ज़मीन पर भरोसा करना रहा, जिसे बाकी लोग नज़रअंदाज़ कर देते थे। उन्हें पहला बड़ा ब्रेक बेंगलुरु की सरजापुर रोड से मिला, जब यह इलाका टेक कॉरिडोर बनने से काफी पहले एक शांत क्षेत्र हुआ करता था।
घर पर ही सीखी रियल एस्टेट की बारीकियाँ
सीजे रॉय सेंट्रल बेंगलुरु में पले-बढ़े। उन्होंने अपनी माँ को एक साथ 30–40 साइट खरीदते, घर बनाते और उन्हें बेचते हुए देखा। वे इन सौदों के अकाउंट्स संभालते थे, जिससे उन्हें ज़मीन के लेन-देन और कैश फ्लो की गहरी समझ मिली।
इस मजबूत नींव ने उन्हें आगे चलकर सोच-समझकर फैसले लेने में मदद की। अपने शुरुआती जीवन के बारे में उन्होंने एक बार कहा था,
“मैं अपनी पसंद से बिज़नेस में आया, लेकिन उद्यमिता संयोग से हुई।”
बेंगलुरु के बाहरी इलाकों पर लगाया बड़ा दांव
2001 में, जब ज़्यादातर डेवलपर्स सेंट्रल बेंगलुरु पर ध्यान दे रहे थे, तब सीजे रॉय ने शहर के बाहरी इलाकों की ओर रुख किया। उस समय सरजापुर रोड खेती की शांत ज़मीन थी, जहाँ एक एकड़ ज़मीन की कीमत करीब 6 लाख रुपये थी। ज़्यादातर लोग इसे बहुत दूर मानते थे, लेकिन रॉय ने इसमें भविष्य देखा।
उन्होंने कहा,
“एक तरफ व्हाइटफील्ड उभर रहा था और दूसरी तरफ इलेक्ट्रॉनिक सिटी तेज़ी से बढ़ रहा था। मुझे लगा सरजापुर इन दोनों के बीच आईटी कर्मचारियों के लिए एक अहम केंद्र बन सकता है।”
रॉय ने 150–200 एकड़ ज़मीन में निवेश किया। इस फैसले का परिवार और कंपनी के कई डायरेक्टर्स ने विरोध किया, लेकिन उनकी पत्नी ने पूरा समर्थन दिया। यह जोखिम कामयाब रहा और बाद में सरजापुर की ज़मीन की कीमतें करीब दस गुना बढ़ गईं।
कॉन्फिडेंट ग्रुप: कर्ज-मुक्त और ग्लोबल पहचान
सीजे रॉय ने 1991 में कॉन्फिडेंट ग्रुप की स्थापना की। 31 मार्च 2025 तक इस ग्रुप के पास 2,039 करोड़ रुपये की संपत्ति थी। कंपनी पूरी तरह डेट-फ्री मॉडल पर काम करती है और भारत, यूएई और अमेरिका में 159 प्रोजेक्ट पूरे कर चुकी है।
ग्रुप का फोकस रियल एस्टेट, शिक्षा और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर है। बेंगलुरु में स्थित 3,000 करोड़ रुपये का ज़ायन हिल गोल्फ काउंटी प्रोजेक्ट इसके सबसे बड़े और चर्चित प्रोजेक्ट्स में से एक है।
टीवी शो के ज़रिये केरल में पहचान
केरल में रॉय का विस्तार आसान नहीं रहा। कोच्चि के पास उनके शुरुआती प्रोजेक्ट्स को रोड शो के बावजूद खरीदार नहीं मिले। इसके बाद मुंबई में हुई एक अचानक मुलाकात ने उनकी किस्मत बदल दी। उन्होंने एक रियलिटी शो में इनाम के तौर पर एक फ्लैट ऑफर किया और शो के ब्रांड एंबेसडर बन गए।
इससे उनकी पहचान तेजी से बढ़ी और कुछ ही समय में फ्लैट बिकने लगे।
सीजे रॉय का लग्ज़री कार कलेक्शन
सीजे रॉय ने अपनी पहली कार मारुति 1994 में खरीदी थी। एक सेल्समैन द्वारा उन्हें कथित रूप से नज़रअंदाज़ किए जाने का अनुभव उनके मन में रह गया। आगे चलकर उन्होंने एक बड़ा लग्ज़री कार कलेक्शन बनाया, जिसमें 12 रोल्स-रॉयस कारें (फैंटम VIII सहित), लेम्बॉर्गिनी और एक बुगाटी वेरॉन शामिल है।
उन्होंने एक बार बताया था कि हर रोल्स-रॉयस के लिए उन्हें करीब 18 लाख रुपये का बीमा कराना पड़ता था, और कुल बीमा खर्च करोड़ों में जाता था।
कई सालों बाद, उन्होंने अपनी पहली मारुति कार को दोबारा खरीदा और उसे ढूंढने वाले व्यक्ति को 10 लाख रुपये का इनाम दिया।
रियल एस्टेट से आगे: मलयालम एंटरटेनमेंट
सीजे रॉय ने मलयालम एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में भी कदम रखा और 2012 में ‘कसानोवा’ जैसी फिल्में प्रोड्यूस कीं। कॉन्फिडेंट ग्रुप स्टार सिंगर और बिग बॉस मलयालम जैसे लोकप्रिय टीवी शोज़ का टाइटल स्पॉन्सर भी रहा, जिससे रॉय की पब्लिक प्रोफाइल और मजबूत हुई।
इंस्टाग्राम पर 13 लाख फॉलोअर्स
सीजे रॉय के इंस्टाग्राम पर 13 लाख फॉलोअर्स थे, हालांकि उन्होंने कमेंट्स बंद कर रखे थे। उनकी आख़िरी पोस्ट गणतंत्र दिवस की शुभकामनाओं से जुड़ी थी—
“एक बहुत खुशहाल गणतंत्र दिवस”, जिसमें वह नीले ब्लेज़र में मुस्कुराते हुए नज़र आ रहे थे। उनकी पोस्ट्स में लग्ज़री कारें, हेलीकॉप्टर, पारिवारिक पल और प्रोजेक्ट अपडेट्स अक्सर देखने को मिलते थे।
