Union Budget 2026: Defence Gets Record ₹7.85 Lakh Cr Boost After Operation Sindoor
Union Budget 2026
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता” के बाद रक्षा बजट में की गई बढ़ोतरी ने भारत की रक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने के सरकार के संकल्प को और सुदृढ़ किया है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर विशेष ध्यान देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक निर्णायक कदम उठाया है। केंद्रीय बजट में रक्षा सेवाओं के लिए रिकॉर्ड ₹7.85 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा रक्षा बजट है।
यह आवंटन वित्तीय वर्ष 2026–27 के अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 2% है और चालू वर्ष के बजट अनुमान की तुलना में 15.19% की वृद्धि दर्शाता है। अब रक्षा व्यय केंद्र सरकार के कुल खर्च का 14.67% हो गया है, जो सभी मंत्रालयों में सबसे अधिक है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह बढ़ा हुआ आवंटन न केवल सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और नियमित परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए है, बल्कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद हथियारों और गोला-बारूद की आपातकालीन खरीद से उत्पन्न अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए भी है। यह व्यय पूंजी और राजस्व—दोनों मदों के अंतर्गत किया गया है।
पूंजीगत व्यय को ₹1.8 लाख करोड़ (2025–26) से बढ़ाकर ₹2.19 लाख करोड़ कर दिया गया है। यह कदम सरकार की उस रणनीतिक सोच को दर्शाता है, जिसके तहत सैन्य क्षमताओं को वैश्विक मानकों तक उन्नत करने और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया जा रहा है।
आधुनिकीकरण और स्वदेशीकरण
कुल रक्षा बजट में से—
- 27.95% पूंजीगत व्यय के लिए
- 20.17% परिचालन रखरखाव और तैयारी के लिए
- 26.40% वेतन और भत्तों के लिए
- 21.84% रक्षा पेंशन के लिए
- 3.64% नागरिक संगठनों के लिए निर्धारित किया गया है
रक्षा बलों के लिए पूंजीगत आवंटन पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 22% बढ़कर ₹2.19 लाख करोड़ हो गया है। इसमें से ₹1.85 लाख करोड़ पूंजी अधिग्रहण के लिए अलग रखे गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 24% अधिक है।
मंत्रालय के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में दिसंबर तक ₹2.1 लाख करोड़ के अनुबंध पूरे किए जा चुके हैं, जबकि आवश्यकता की स्वीकृति (Acceptance of Necessity) ₹3.5 लाख करोड़ से अधिक हो चुकी है। आगामी परियोजनाओं में अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान, जहाज और पनडुब्बियाँ, यूएवी, ड्रोन, स्मार्ट हथियार और विशेष वाहन शामिल हैं।
स्वदेशीकरण पर विशेष जोर दिया गया है। ₹1.39 लाख करोड़, यानी पूंजी अधिग्रहण बजट का 75%, घरेलू उद्योगों से खरीद के लिए निर्धारित किया गया है, जिससे आत्मनिर्भरता, निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।
ऐतिहासिक आवंटन
राजस्व व्यय को बढ़ाकर ₹3.65 लाख करोड़ कर दिया गया है। इसके साथ ही सीमा बुनियादी ढांचे, पूर्व सैनिकों की स्वास्थ्य सेवाओं, अनुसंधान एवं विकास तथा पेंशन के लिए आवंटन में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस ऐतिहासिक आवंटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के बीच संतुलन को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रस्तुत यह बजट राष्ट्रीय सुरक्षा को सशक्त बनाने, सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने और पूर्व सैनिकों के कल्याण को सुनिश्चित करने के सरकार के संकल्प को और मजबूत करता है, साथ ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत के विज़न को भी आगे बढ़ाता है।
